हम भारतीय

सब कुछ हिंदी में

शीलं परम भूषणं का हिंदी अर्थ

Sheelam param bhushanam meaning in hindi : नमस्कार दोस्तों, अगर आप भी संघ लोक सेवा आयोग दुवारा हर साल आयोजित की जाने सिविल सेवा परीक्षा की तयारी कर रहे हैं तो आपने कभी न कभी IAS training center, LBSNAA की फोटो तो देखी होगी. 

अगर आपने कभी न कभी उस फोटो को देखी हैं तो आपको वहा पर एक संस्कृत श्लोक को देखा होगा जो “शीलं परम भूषणं” के रूप में प्रवेश दुवार के बार लिखा होता हैं. ऐसे में आपको कभी न कभी इस बात को जानने की उत्सुकता रही होगी की आखिर इस शब्द का मतलब क्या हैं ? 

आईएएस के लिए कौनसी बुक पढ़े

अगर आप इसका मतलब नहीं जानते हैं तो आपको इस लेख के माध्यम से इस वाक्य के बारे में बताया जा रहा हैं, अंत आप इस लेख को अंत तक पढ़े.

Sheelam param bhushanam meaning in hindi

शीलम परम भूषणम का हिंदी अर्थ सदाचारी सबसे बड़ा आभूषण यानी गहना है। इस उक्ति को संस्कृत से लिए गए है इस छोटी सी उक्ति सारगर्भित अर्थ है। इसके अनुसार मनुष्य का स्वभाव और उसके चरित्र और आचरण ही उसे दुनिया में उठाने और गिराने का कारण होता है।

सोने चांदी के आभूषण पहन लेने के बाद भी यदि उसके अंदर विनम्रता यानी कि शिष्टाचार नहीं है। उसकी वाणी में मधुरता नहीं है,तो वह बेकार पत्थर के समान है। अच्छे व्यक्तित्व का धनी होने के लिए व्यक्ति के अंदर  शील यानी कि शिष्टाचार होना जरूरी है।

स्वभाव में शील यानी कि विनम्रता का महत्वपूर्ण स्थान है। शील को परिभाषित करना जटिल कार्य है। वही व्यवहारिक दृष्टि से शील को शिष्टाचार के नाम से जानते  हैं। 

शील के तहत अपने से बड़ों के प्रति आदर भाव और अपने से छोटे उम्र के लोगों के प्रति स्नेह तथा सहृदय जनों के प्रति मित्रवत भाव रखना ही शीलता है। शील व्यक्ति के अंदर संकोच, सौम्यता, शालीनता, उदारता जैसे विशिष्ट गुण समाहित होते है। 

ऐसा व्यक्ति दूसरे की भावनाओं और स्वाभिमान की रक्षा करते हुए पाया जाता है। उसकी वाणी और कर्म से किसी को कष्ट नहीं पहुंचता है।इस दुनिया में धन वैभव से परिपूर्ण व्यक्ति अक्सर निर्धन का तिरस्कार करता है। 

इसके अलावा शिक्षित व्यक्ति से अनपढ़ व्यक्ति उपेक्षा का शिकार होता है,और यह बहुत सामान्य सी बात है, लेकिन शिष्टाचारी मनुष्य कभी भी किसी की भावना को आहत नहीं करता है। वह दूसरे व्यक्ति के व्यक्तित्व की गरिमा को हमेशा बनाए रखता है। 

किसी व्यक्ति को हीन नहीं समझता है। इसीलिए कहा जाता है कि शील व्यक्ति के लिए अग्नि भी पानी की समान, शेर मृग के समान हो जाता है वहीं सर्प पुष्प के समान के होता है। 

इसके अलावा विष भी अमृत के समान हो जाता है।शिष्टाचार व्यक्ति की दृष्टि में उदारता होती है वह उदारता से परिपूर्ण होता है। वह समय आने पर अपनी उदारता का परिचय देता है। धार्मिक ग्रंथो को में प्रभु श्री राम के चरित्र में शीलता का परिचय देखने को मिलता है। 

श्री राम के दिव्य पवित्र चरणों के स्पर्श को पाकर ही मुनि की पत्नी अहियाल्या के पत्थर की शीला में सुंदर शरीर को धारण कर लिया था। 

यह शीलता का ही उदाहरण है इतने दिव्यता श्री राम के चरणों में थी इसके बावजूद श्री राम में तनिक मात्र का अभिमान ना था।

वही धनुष तोड़ने के बाद क्रोधित परशुराम के सामने खुद प्रभु राम ने क्षमा याचना मांगी जोकि उदारता का बखूबी परिचय देता है इसके अलावा एक और दृष्टांग जिसके प्रभु श्री राम को वनवास दिलाने वाली कैकई के प्रति भी श्री राम के हृदय में रत्ती मात्र का रोष नहीं था।

सीता हरण के बाद पत्नी के वैराग्य में होते हुए भी इन्होंने गिधराज जटायु के शरीर छोड़ने पर अपने पिता के समान उनका अंतिम संस्कार किया।वनवास के दौरान शबरी से मिलने पर उसका आतिथ्य स्वीकार करके। 

उनका सम्मान बढ़ाया शबरी के साथ मातृवत व्यवहार किया। जबकि ये राजकुमार थे।महान संत कबीर की वाणी की माने तो उनके द्वारा कही गई उक्ति के अनुसार सुख का संसार शील है,कोई न पावै थाव।’ 

इसके कोई संशय नहीं की हमारे जीवन के बहुमूल्य निधि और कीर्ति का आधार-स्तंभ माने गए है।

निष्कर्ष

इस लेख में आपको Sheelam param bhushanam meaning in hindi के बारे में बताया गया हैं. उम्मीद करते हैं आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी.