उत्तर प्रदेश राज्य का सबसे बड़ा जिला

Uttar pradesh ka sabse bada jila नमस्कार दोस्तों, हम यह तो जानते ही हैं की हमारे देश में जनसंख्या की दृष्टि सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश हैं।  उत्तर भारत में बसे इस राज्यों के बारे में आप तो जानते ही होंगे। क्या आप जानते हैं की उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला कौनसा हैं ? 

अगर आप इन सब के बारे में या उत्तर प्रदेश राज्य के इस सबसे बड़े जिले के बारे में जानना चाहते हैं तो आप इस लेख में अंत तक बने रहे। इस लेख में आपको उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी के बारे में विस्तार से बताया जाएगा ताकि आपको इसकी पूरी जानकारी दी सके।

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उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला | Uttar pradesh ka sabse bada jila

यदि आपको उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले के बारे में जानकारी लेनी है और उसके बारे में विस्तार से चर्चा करनी है तो आपको हमारे इस पेज पर लगातार बना रहना चाहिए क्योंकि हम उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले के बारे में जानकारी देने वाले हैं कि इसका क्षेत्रफल कितना है।

और इस जिले की जनसंख्या कितनी है और इसमें किस प्रकार की खेती होती है और इसका भौगोलिक प्रदेश से किस प्रकार का है तो आइए अब हम बात करते हैं उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले के बारे में-

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य लखीमपुर खीरी है और यह उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य है तथा इसकी सीमा दूसरे देश नेपाल से जुड़ी हुई है। यदि हम बात करें राष्ट्रीय उद्यान के बारे में तो दूधवाखारा राष्ट्रीय उद्यान लखीमपुर खीरी में स्थित है यह मांग के लिए सबसे प्रसिद्ध उद्यान है। 

यह जिला अपनी और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है इस उद्यान के कारण  बहुत ही प्रसिद्ध और विख्यात है। भारत में लुप्त होती प्रजातियों को बचाने का कार्य भी लखीमपुर स्थित दूधवाखारा राष्ट्रीय उद्यान में किया जा रहा है इस उद्यान में दलदली हिरण और बंगाल फ्लोरीकन जैसी दुर्लभ प्रजातियां इस अभ्यारण में पाई जाती है।

लखीमपुर खीरी जिले का इतिहास

लखीमपुर खीरी को पहले इतिहास में लक्ष्मीपुर के नाम से जाना जाता था लखीमपुर खीरी जिले से 1 किलोमीटर दूर यहां पर खैर के पेड़ पाए जाते हैं जोकि इसके नाम को भी आपस में टटोलते है। लखीमपुर खीरी जिले के बारे में कहा जाता है कि बहुत पुराने समय पर यहां पर हस्तिनापुर की चंद्र जाति का राज हुआ करता था जो कि इस स्थान को शामिल करने के लिए महाभारत में इस स्थान के बारे में कई रोचक तथ्य दिए हुए हैं।

लखीमपुर खीरी जिले में बहुत पुरानी मिट्टी के टीले जिनमें की मूर्तियों के टुकड़े और कंक्रीट पाए गए हैं। लखीमपुर खीरी में गुप्त साम्राज्य के शासक समुद्रगुप्त का शिलालेख पाया गया है जो कि लगभग चौथी शताब्दी का है। समुद्रगप्त उस समय मगध का राजा हुआ करता था और समुद्रगुप्त ने असम में यह किया जिसके पश्चात एक घोड़े को स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए पृथ्वी पर छोड़ दिया। 

और उस घोड़े की पत्थर की मूर्ति अभी भी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित संग्रहालय में स्थित है। जब भारत पर मुगलों का अधिकार हुआ उस दौरान जब अकबर का शासन संपूर्ण भारत देश में फैला हुआ था तो उस समय जिला अवध के सुबह में खैराबाद की हिस्सा बन गई थी।

जब सन 1801 में रोहिलखंड अंग्रेजों को दे दिया गया था उस समय इस जिले का हिस्सा अधिवेशन में शामिल किया गया था लेकिन जब एंग्लो इंडियन नेपाली के मध्य युद्ध हुआ था उस समय इसे अवध में मिला दिया गया था। 

सन 1956 में अवध के शामिल होने के पश्चात वर्तमान क्षेत्र पश्चिम वाले क्षेत्र को मोहम्मद नामक एक जिले में और पश्चिमी को छोड़कर पूर्व की दिशा में स्थित मालनपुर को बनाया गया था जिसमें सीतापुरा का हिस्सा भी शामिल था 18 सो 57 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में मोहम्मदी ने उत्तरी अवध में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रमुख केंद्र बन गया था।

लखीमपुर खीरी का भौगोलिक परिदृश्य

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लखीमपुर खीरी जिला हिमालय के तराई वाले क्षेत्र में है जिसमें कई नदियां बहती है तथा हरी-भरी वनस्पतियां ओगी रहती है इस जिले का संपूर्ण क्षेत्रफल 7680 वर्ग मीटर है लखीमपुर खीरी जिला आकार में लगभग त्रिकोणीय प्रकार का है। 

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी उत्तर की दिशा की तरफ ज्यादा बढ़ा हुआ है लखीमपुर खीरी उत्तर में मोहन नदी से घिरा हुआ है जो कि लखीमपुर खीरी को नेपाल से अलग करती है पूर्व दिशा में कोरियाला नदी लखीमपुर खीरी जिले को अलग करती है दक्षिण दिशा में स्थित सीतापुर और हरदोई लखीमपुर खीरी को अलग करती है। 

पश्चिम दिशा में स्थित पीलीभीत लखीमपुर खीरी को अलग करती है मतलब कि इस क्षेत्र में बहुत अधिक नदियां है तथा वनस्पति क्षेत्र है जिसके कारण यह सदैव हरा भरा रहता है तथा क्षेत्र में बहुत ही उम्दा किस्म के फल पाए जाते हैं जो कि भरपूर होते हैं। 

लखीमपुर खीरी का जलवायु परिवर्तन का परिदृश्य

लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक बरसात होती है इसमें शायद ही वर्षा वाले मौसम को छोड़कर संपूर्ण समय मौसम यहां पर गर्म रहता है यहां पर तो कभी-कभी गर्मियों में तापमान 104 डिग्री फॉरेनहाइट पहुंच जाता है तथा इसके ऊपर भी पहुंच जाता है। 

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी में सर्दियों के अंदर यहां पर तापमान बहुत ही कम गिरता है और शायद लगभग 4 डिग्री सेल्सियस ही गिरता है और यहां पर सर्दियों के दिनों में रहते बहुत अधिक ठंडी होती है तथा दिन गर्म होते हैं और इस समय यहां पर सबसे अधिक कोहरा छाया रहता है। 

यहां पर बरसात भी बहुत कम होती है वह भी लगभग मानसून के समय होती है इसके अलावा यहां पर वर्षा नहीं होती है तथा यह सूखा क्षेत्र होता है। 

लखीमपुर खीरी में नदियों का परिदृश्य

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी में विभिन्न नदियां बहती है जैसे की शारदा नदी यह नदी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले से निकलकर उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में बहती हुई यमुना नदी में मिल जाती है। 

उत्तर प्रदेश में स्थित लखीमपुर खीरी से घाघरा नदी निकलती है जो कि नेपाल की सीमा तक जाती है तथा इसके पश्चात वह समुद्र में विलुप्त हो जाती है। गोमती नदी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी से निकलती है तथा इसकी सहायक नदियां कथानात शरीफ और मोना है। सरयू नदी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से निकलकर अयोध्या जिले तक पहुंचती है।

लखीमपुर खीरी में कृषि का परिदृश्य

लखीमपुर खीरी जिले में गेहूं चावल मक्का तथा जो प्रमुख यहां की फसलें हैं तथा इसके अलावा यहां पर दाल भी उगाई जाती है यहां के किसानों द्वारा लखीमपुर खीरी में पुदीना की खेती की जाती है जो कि यहां का मुख्य आय का साधन है। 

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी में गन्ने की खेती की जाती है जोकि यहां की आय का मुख्य साधन है इस गिन्नी क द्वारा यहां पर चीनी बनाई जाती है तथा उसी ने को विभिन्न जिलों में भेजा जाता है तथा इसके पश्चात यहां पर निर्यात का कार्य भी किया जाता है। यहां पर सबसे ज्यादा निर्यात चीनी का किया जाता है।

लखीमपुर खीरी में परिवहन का परिदृश्य

उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा राज्य लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 134 यानी कि 77 मील दूर है। लखीमपुर खीरी में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग गुजरते हैं यहां पर सबसे ज्यादा गन्ने की खेती होने के कारण उसका परिवहन किया जाता है।

लखीमपुर खीरी में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है जिसका पूरा नाम पलिया इंटरनेशनल हवाई अड्डा है और लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा राष्ट्रीय उद्यान बहुत ही प्रसिद्ध है जो कि लखीमपुर खीरी शहर से लगभग 56 मील दूरी पर स्थित है।

लखीमपुर खीरी का सबसे निकटतम और सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लखनऊ हवाई अड्डा है। लखनऊ हवाई अड्डा लखीमपुर खीरी से लगभग 84 मील दूर है उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा लखनऊ हवाई अड्डा है और यह हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी है।

लखीमपुर खीरी की जनसंख्या

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार 4 लाख के लगभग है। इस जिले का जनसंख्या घनत्व 523 है जो कि प्रति किलोमीटर है।

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी का लिंगानुपात 894 है। लखीमपुर खीरी जिले की साक्षरता 60% है।

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जिले लखीमपुर खीरी में मुख्यता अवधी भाषा बोली जाती है और यहां पर हिंदी भाषा को एक सहायक भाषा के रूप में उपयोग किया जाता है।

निष्कर्ष

हमारे द्वारा दी गई Uttar pradesh ka sabse bada jila के बारे में जानकारी आपको कैसी लगी यह भी अच्छी लगी हो तो कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताइए यदि आपको लखीमपुर खीरी से संबंधित कोई सवाल करना है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में सवाल कर सकते हैं हम आप के सभी सवाल का उत्तर देने की पूर्ण कोशिश करेंगे इसके साथ ही यदि आप हमें इस आर्टिकल से संबंधित कोई सुझाव देना चाहें तो हम आपके सुझावों का स्वागत करते हैं।

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