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राष्ट्रिय खेल दिवस मनाया क्यों जाता हैं ?

Rashtriya khel divas : हमारे पडोसी देशों में खेल दिवस को भले ही किसी अलग दिवस पर मानते होंगे परतु हमारे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस को मेजर ध्यान चंद के जन्म दिन के अवसर पर मनाया जाता हैं। 

पुरे देश में 29 अगस्त के दिन पर यानी मेजर ध्यान चंद के जन्म दिन के अवसर पर इस खेल दिवस मनाया जाता हैं। अब आपके मन में यह सवाल तो जरुर आया होगा की आखिर यह राष्ट्रिय खेल दिवस मनाया क्यों जाता हैं ? चलिए जानते इस के बारे में।

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राष्ट्रीय खेल दिवस | National Sports Day 

राष्ट्रीय खेल दिवस भारत में मेजर ध्यान चंद के जन्म दिन के अवसर पर मनाया जाता हैं। मेजर ध्यानचंद ने ओलिंपिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कई बार स्वर्ण पदक दिलवाए हैं। मेजर ध्यान चंद की उन्ही जादूगरी के कारण देश में मेजर ध्यान चंद जाना जाता हैं। 

हर वर्ष उनकी प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनके जन्म दिवस के दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री ने राजीव गांधी खेल रत्न वार्ड का नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड कर दिया हैं। 

मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड खेल के क्षेत्र में अच्छा पर्दशन करने वालो को दिया जाता हैं। वर्तमान में इस खेल रत्न अवार्ड मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड के नाम से जाना जाता हैं। 

मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता हैं। मेजर ध्यानचंद को भी कई अवार्डो से नवाजा गया हैं। मेजर ध्यानचंद को द्रोणाचार्य पुरुस्कार, तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार इतियादी। मेजर ध्यानचंद हमारे देश के गौरव हैं। 

राष्ट्रीय खेल दिवस का महत्त्व

इस दिन का महत्त्व खेल प्रेमियों के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। इस दिन खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वालो को भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन में कई खेल अवार्ड से सम्मानित करते हैं जिन्हें मेजर ध्यानचंद को द्रोणाचार्य पुरुस्कार, तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार इतियादी इतियादी शामिल हैं। 

खिलाडियों के अलावा उन खिलाडियों के कोच को भी सम्मानित किया जाता हैं। कोच खिलाडियों को निखारने का काम करते हैं। इसी वजह से उन्हें भी सम्मानित किया जाता हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस को चंडीगढ़ में धूम – धाम से मनाया जाता हैं। इन सब के अलावा देश की सभी स्कूल और संस्थाओ में खेल को बढ़ावा देने के लिए इस दिवस को मनाया जाता हैं और कई प्रतियोगिताये आयोजित की जाती हैं। 

खेल दिवस का इतिहास

खेल दिवस का देश में काफी ज्यादा महत्त्व हैं। इस दिन का इतिहास भी काफी दिलचस्प हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस जिसे हम National Sports Day भी कहते हैं। इस दिन की शुरुआत काफी समय पहले हुई थी। 1979 में भारतीय डाक विभाग ने मेजर ध्यानचंद के नाम से एक डाक टिकट जारी कर उन्हें श्रदांजलि दी थी। दिल्ली में जो पूर्व में राष्ट्रिय स्टेडियम था उसका नाम भी बदल कर मेजर ध्यान चंद के नाम से रख दिया और उसका नाम मेजर ध्यानचंद स्टेडियम कर दिया।

उसके बाद 2012 में यह खबर फ़ैल गई की देश में खेल खेलने वालो को प्रोत्सहान देने और खेल के प्रति सद्भावना रखने और देश में खेलो के प्रति जागरूकता बढ़ने के लिए हर वर्ष खेल दिवस मानना चाहिए।

इसके बाद हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जन्म जयंती के अवसर पर हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रिय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।

राष्टीय खेल दिवस से जुड़े कुछ तथ्य

राष्ट्रिय खेल दिवस के सम्बन्ध में कुछ तथ्य : 

  • मेजर ध्यानचंद के जन्म दिन को ही राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मानते हैं। 
  • राष्ट्रीय खेल दिवस की शुरुआत 2012 में की गई थी। 
  • मेजर ध्यानचंद के नाम पर भारतीय डाक विभाग ने 1979 में एक डाक टिकट भी जारी किया था।
  • हर वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रिय खेल दिवस के रूप में मानते हैं। 

निष्कर्ष

इस लेख में आपको राष्ट्रीय खेल दिवस ( Rashtriya khel divas ) के बारे मी बताया गया हैं। उम्मीद करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा।