हम भारतीय

सब कुछ हिंदी में

राष्ट्रिय महिला दिवस कब मनाया जाता हैं ?

National Women’s Day in hindi नमस्कार दोस्तों, वर्तमान में हमारे देश में महिलाओं का सम्मान किया जाता हैं और देश में महिलाओं को भी उतने ही समान अधिकार प्राप्त हैं जो पुरुषों को दिए जाते है. क्या आप जानते हैं की राष्ट्रिय महिला दिवस क्यों मनाया जाता हैं. चलिए देखते हैं इसके बारे में. 

राष्ट्रिय महिला दिवस कब मनाया जाता हैं ?

राष्ट्रिय महिला दिवस हर वर्ष 13 फ़रवरी को मनाया जाता हैं. सरोजिनी नायडू अपने साहित्यिक योगदान के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। सरोजिनी नायडू के योगदान का सम्मान करने के लिए 13 फरवरी को भारत के राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है।

महिला दिवस 

जैसा की हम अच्छी तरह से जानते है की अंग्रेजो की गुलामी से आजादी दिलाने में महिलाएं का बहुत बड़ा सहयोग था। उनमें से कुछ उदहारण है, आपने सरोजिनी सरोजनी नायडू जी का नाम तो सुना ही होगा वो बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की संपन्न रहने वाली कवियित्री थीं। 

आजादी की लड़ाई में उन्होंने पुरुष स्वतंत्रता सेनानियों  के साथ कंधे से कंधे मिलाकर गांधी जी के आंदोलनों में भाग लिया और हर जगह अपने नेतृत्व का प्रभाव छोड़ा था। वे हमेशा ही महिलाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करती रहती थीं। 

वह आज के भारत की हर नारी के लिए एक आदर्श उदाहरण के रूप में याद की जाती हैं। आजकल के समय महिलाए हर क्षेत्र में आगे ही बढ़ती दिख रही है। अलग अलग देश में महिलाएं ने बहुत बड़ा नाम कमाया है वो चाहे खेल कूद हो या फिर अन्य चीज हो।

राष्ट्रीय महिला दिवस क्या है?

कुछ ऐसी जगह है जहां पर महिलाओं को उनकी बराबरी का हक नही मिलता और उन्हें हर लाभ से वांछित रहना पड़ जाता जिससे महिलाओं को मौका नही मिल पता अपनी शक्ति को दिखाने का। 

Also read : ग्लोबल फॅमिली दिवस

राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। 

राष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?

महिलाओं को बराबरी का हक और सम्मान दिलाने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। यह महिलाओं के असाधारण कृत्यों को पहचानने और दुनिया भर में लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने के लिए एक संयुक्त शक्ति के रूप में एक साथ खड़े होने का दिन माना जाता है।

राष्ट्रीय महिला दिवस का संक्षिप्त इतिहास क्या है?

अब आइए थोड़ी नजर इस दिवस के इतिहास पर डाल लेते है। नायडू जी का जन्म 13 फरवरी सन 1879 को हुआ था। वह अपनी कविताओं के कारण अपने उपनाम nightingale of India या bharat kokila के लिए भी प्रसिद्ध थीं। 

सरोजिनी नायडू अपने साहित्यिक योगदान के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। सरोजिनी नायडू के योगदान का सम्मान करने के लिए 13 फरवरी को भारत के राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है।  

सरोजिनी नायडू न केवल एक स्वतंत्रता सेनानी थीं बल्कि वे संयुक्त प्रांत, वर्तमान उत्तर प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल भी बनीं। सन 1942 में गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया और अंग्रेजो की सरकार ने नायडू जी को 21 महीने तक जेल में रखा। लेकिन उन्होंने है नही मानी और अपने विचार पे अटल रही।

राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में क्या थीम है?

  • महिला शान, सुंदरता और करुणा की एक खूबसूरत मूर्ति है।   
  • एक सुंदर थीम इस प्रकार है की जितनी भी लड़कियां या महिलाएं बाहर निकले, बेड़ियों को तोड़ें, अपना जीवन जिएं, नाम रोशन करे और ऐसा बदलाव करे की पूरी दुनिया उन्हे उनके नाम से जाने। 
  • महिला एक ऐसी शक्ति है जो की एक परिवार, समाज, राष्ट्र और दुनिया को चलती हैं।  
  • महत्वाकांक्षा वाली लड़कियां दूरदर्शी महिला बन जाती हैं। 
  • प्रत्येक सक्सेज वूमेन के पीछे दूसरी सक्सेज वूमेंस की एक लंबी कतार होती है।

ऊपर दिए गए थीम से महिलाएं को नवाजा गया है और हर साल नई नई थीम के पेशकश होती रहती है।

राष्ट्रीय महिला दिवस का उद्देश्य क्या है?

राष्ट्रीय महिला दिवस उन महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करता है जिनका अफ्रीकी महिलाएं अभी भी सामना कर रही हैं जैसे कि पालन-पोषण, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न,खासतौर पे शिक्षा आदि। 

इसे इन विचारों के लिए लड़ने या विरोध करने के लिए एक दिन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सार्वजनिक अवकाश के कारण कई महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सन् 1994 से पहले संसद में महिलाओं का रिप्रेजेंटेशन केवल 2.7% था । नेशनल असेंबली में महिलाएं 27.7% थीं।  

पूरे देश की सरकार में 48% रिप्रेजेंटेशन होने के कारण यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। राष्ट्रीय महिला दिवस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के समान सिद्धांतों पर आधारित है और समान स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए प्रयास करता है।