हिंदी किसे कहते है ?

Hindi kise kahate hain ( हिंदी किसे कहते है ) मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। ये समाज में एक साथ घुलमिल कर परिवार बना कर रहना पसंद करता है। अपनों के बीच भाव के आदानप्रदान से यह एक दूसरे को अछि तरह से समझ तथा महसूस कर सकते है। 

लेकिन शुरुआती दौर में यह इतना आसान नही था। पहले कुछ ही खास किस्म के आवाज से ही यह आपस में बातचीत कर और रहे थे, फिर क्रमित विकाश के साथ साथ सब्दों तथा भाषा भी उत्पन हुआ। हिंदी भी उन सब भाषाओं से एक भाषा है जो के भारत समेत पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में बोली जाती है। 

हिंदी भाषा

हिंदी भाषा पुरातन भारत में से एक संस्कृत भाषा की ही एक अपभ्रंश भाषा है यानि हिंदी भी संस्कृत से ही बनी हुई है। 7वीं शताब्दी तक इस भाषा की शुरुआत हो चुकी थी, ऐसा कई रिसर्च में दावा किया जाता है। इसीलिये आज भी हिंदी भाषा में कुछ शब्द आज भी कई सारी विदेशी तथा स्थानीय भाषाओँ में इस्तेमाल होते हुए आपको दिख जायेंगे।

बाकि भाषाओं के तरह इसमें भी अक्षर यानि के वर्ण होते है जो के लिखने में काम आते है। हिंदी भाषा में कुल 56 वर्ण है जिनमे से 11 स्वर वर्ण, 41 व्यंजन वर्ण और 4 संयुक्त वर्ण होते है। अंग्रेजी भाषा के उलट इसमें मात्रा का इस्तेमाल होता है जिनके मदद से हम शब्दों को बना पाते है।

हिंदी भारत के कई सारे क्षेत्र जैसे की उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्व भारत अदि इलाको में काफी मात्रा में बोली जाती है। लेकिन दक्षिण भारत में द्रविड़ियन भाषा के चलते हिंदी उतना लोकप्रिय नहीं है, मगर वो भी संस्कृत का ही अपभ्रंश रूप ही है।

भारत के किन राज्यो में हिंदी बोली जाती है?

भारत के सभी हिस्से केवल दक्षिण भारत को छोड़ कर सभी राज्यो में हिंदी या तो बोली जाती है या फिर अच्छे से समझ लिए जाते है। हिंदी यु ही राष्ट्र भाषा नहीं बना!

हालाँकि पूर्व भारत के कुछ हिस्से जैसे की ओडिशा, पश्चिम बंगाल, नागालैंड जैसी राज्यो में अपने खुद के आंचलिक भाषा महजूद है, फिर भी ये हिंदी को समझ तथा बोल सकते है।

इसके अलावा सालों से हो रही पलायन के कारण आज विश्व भरके कई सारे हिस्सो में हिंदी बोलने वाले लोग महजूद है। अंकोड कि माने तो आज भी भारत के बहार 8 मिलियन से भी ज्यादा लोग हिंदी समझ और बोल सकते है। यह मात्र नेपाल और अमेरिका में सबसे ज्यादा है।

भारत में आज लगभग 53 करोड़ के आसपास लोग हिंदी भाषा को अपनाये हुए है। राजमर्रा के जिंदेगी में यह हिंदी भाषा के बहत उपयोग करते रहते है, उनमे से दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखण्ड आदि शामिल है।

हिंदी भाषा से जुडी कुछ विवाद

हालाँकि हिंदी भाषा भारत गणराज्य का आधिकारिक भाषा 1950 में ही बनचुका था मगर कुछ क्षेत्र ऐसे भी है जो के हिंदी भाषा को अपनाने नहीं चाहते। वे अपने आंचलिक तथा स्थानीय भाषा को ही ज्यादा महत्व देते है। 

इसमें कोई बुरी बात नहीं है कि कोई अपने मातृभाषा से बहत प्यार करता है। लेकिन हमें यह भी भूलना नहीं चाहिए कि किसी भी राष्ट्र का राष्ट्रभाषा लोगो के बीच एकता का परिचय होता है। भाव के आदान प्रदान में आसानी होने के कारण तथा सबसे ज्यादा बोलचाल बाले भाषा को ही राष्ट्र हमेशा अपने राष्ट्र भाषा के तौर पर ही चुनती है।

आपने क्या सीखा ?

हमे आशा है की आपको Hindi kise kahate hain ( हिंदी किसे कहते है ) विषय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपको इस विषय के बारे में कोई Doubts है तो वो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते है। आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा।

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