तत्सम शब्द किसे कहते है ?

Tatsam shabd kise kahate hain ( तत्सम शब्द किसे कहते है ? ) किसी भी भाषा को सीखने से पहले हम उसके शब्दों को सीखते है। किसी भी भाषा के जन्म तथा गठन शब्दों के बिना असंभव है। शब्द किसी भी भाषा की वो इकाई रूप होता है जो कुछ वर्ण से तथा मात्रा से गठित वर्ण समूह को अर्थ प्रदान करता है। 

उदाहरण स्वरुप सागर, अगर हम सिर्फ स,ग,र या आ की मात्रा को लिखे तो वो बेमतलब बन जायेगा। ऐसे ही उसको एक सही क्रम तथा स्थान पर स्थापित करना भी बहत जरुरी है। हम सागर को  न ही गरसा लिख सकते है और न ही सारग। 

इसी लिए शब्दो को सीखने के साथ साथ शब्दों के ज्ञान से हम किसी भी भाषा में महारथ हासिल कर सकते है। आइये आज इस लेख में आपको बताते है कि, “तत्सम शब्द क्या होते है”? उसके साथ साथ कुछ तत्सम शब्द को जानेंगे तथा उसका प्रयोग भी करेंगे। चलिये तत्सम शब्द से पहले भाषा, वर्ण तथा शब्दों को थोड़ा सा जान लेते है।

भाषा – मनुष्य अपने मन के भाव तथा चिंतन को जिस माध्यम से दूसरे के सामने शब्दों के रूप में ब्यक्त करता है उसे हम भाषा कहते है। दुनिया में ऐसे कई सारे भाषाएं महजूद है जो किसी समूह, प्रदेश तथा देश भर में प्रचलित है।

वर्ण – किसी भी भाषा का इकाई रूप वर्ण होता है। वर्ण अक्षरों का समूह है जिसके मदद से हम किसी शब्द को एक रूप दे सकते है तथा उसे लिख कर प्रकाश कर सकते है। भिन्न भिन्न भाषा में कई तरह के वर्ण होते है , किसी भाषा में ज्यादा तो किसी भाषा में कम संख्या के वर्ण होते है।

शब्दो – शब्द अक्षरों से बने किसी सार्थक भावार्थ के समूह को कहा जाता है। इसमें एक से ज्यादा अक्षर हो सकते है। अक्षरों का सही क्रम तथा स्थान से शब्द बनते है। बिना शब्द के किसी भी भाषा का गठन नहीं हो सकता है।

तत्सम शब्द-

तत(उसके)+सम(समान) से मिलकर तत्सम शब्द का गठन हुआ है। यह एक संस्कृत शब्द है। इसीलिए इसका मतलब ” संकृत के उस शब्द के समान जो शब्द है ” उसको हम तत्सम शब्द कहते है।

भारत में संकृत भाषा को सभी भाषाओं के जननी कहा जाता है। इसलिए आपको कई सारे भाषा जैसे की हिंदी, ओड़िआ, तामिल, तेलुगु तथा कन्नड़ के समेत कई और भाषाओं में भी संकृत के कुछ शब्द देखने को मिल सकते है। सबसे प्राचीन भाषा होने के कारण कई सारे भाषाओं में इसका अवदान रहा है।

कुछ तत्सम शब्द –

अग्नि, आम्र, अमूल्य, अमृत, शिक्षा, प्रदान, ग्रहण, अज्ञान्त, अंधकार, अज्ञानी, पुरुष, मानव, मुख, मंडल, ग्राम, दुग्ध, भ्राता, भातृ, पक्षी, वन, अगम्य, अक्षर, अश्रु, अंगुष्ठ, आश्रय, आश्रम, अन्न, अट्टालिका, मातृ, पितृ आदि ऐसे ही बहत कुछ शब्द है जो के सीधे संस्कृत से लिए गए है। 

इनका इस्तेमाल रोजमर्रे के जिंदेगी में भले ही आज कम इस्तेमाल होता हो परंतु किताबों में इसका बहु मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। आपको बतादे के तत्सम के सामान एक शब्द भी है जो मूल शब्द को थोड़ा से बदल दिया गया है। उसको हम तद्भव शब्द कहते है।

उदाहरण

पक्षी – पंछी

सृंग – सिंग

सूकर – सूअर

सुष्क – सूखा

श्रृंगाल – सियार

श्राप – शाप

शिर- सिर

आज हमने तत्सम शब्द के बारे में काफी विस्तार से चर्चा की है। आशा है यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आने के साथ साथ आप इससे जरूर कुछ सीखे होंगे। ऐसे ही नए नए पोस्ट पढ़ने के लिए  हमारे साथ जुड़े रहिये। अपना विचार हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर भेजे।

आपने क्या सीखा ?

हमे आशा है की आपको Tatsam shabd kise kahate hain ( तत्सम शब्द किसे कहते है ? ) विषय के बारे में दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपको इस विषय के बारे में कोई Doubts है तो वो आप हमे नीचे कमेंट कर के बता सकते है। आपके इन्ही विचारों से हमें कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिलेगा।

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