भारत का सबसे बड़ा राज्य

Follow us on Twitter to get more stuff there

Bharat ka sabse bada rajya नमस्कार दोस्तों, हम जानते हैं की हमारे देश में वर्तमान में 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश है. क्या आप जानते हैं की भारत का सबसे बड़ा राज्य कौनसा हैं ? 

इस लेख में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी इसके साथ ही आपको इसके सन्दर्भ में पूरी जानकारी देने की कोशिश की जायेगी. 

भारत का सबसे बड़ा राज्य | Bharat ka sabse bada rajya

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है. राजस्थान जो की भारत के पच्छिम भाग में सा हुआ एक राज्य हैं, यह मुख्य रूप से अपने रेगिस्तानी भाग के लिए जाना जाता हैं.

राजस्थान राज्य 

राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है और यह मुख्यतः क्षेत्रफल की दृष्टि में सबसे बड़ा राज्य है राजस्थान राज्य का क्षेत्रफल 342239 वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान भारत के उत्तर पश्चिमी भाग में स्थित है राजस्थान उत्तर पूर्व में पंजाब और हरियाणा राज्य से घिरा हुआ है तथा पूर्व और दक्षिण में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य से गिरा हुआ तथा दक्षिण पश्चिम में या गुजरात राज्य से घिरा हुआ है और उत्तर पश्चिम में इसकी सीमा पाकिस्तान देश से लगती है।

राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर है जिसकी स्थापना कछवाहा राजवंश के राजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1782 में स्थापित की गई थी जयपुर राजधानी मैं बहुत देखने लायक पर्यटन स्थल है यहां पर जंतर मंतर ,अल्बर्ट हॉल ,जल महल, नाहरगढ़ आमेर का किला इत्यादि यहां के पर्यटन स्थल है। यहां पर विश्व की सबसे बड़ी जयबाण तोप रखी हुई है जो कि जयगढ़ दुर्ग पर रखी गई है।

राजस्थान का अर्थ है कि राजाओं का निवास इसे सबसे पहले राजपूताना कहा जाता था क्योंकि आप पर राजाओं का शासन हुआ करता था लेकिन जब सन 1947 में भारत स्वतंत्रत हुआ तब यहां पर प्रमुख छोटी-छोटी रियासतों को मिलाकर 1952 में एक बहुत बड़ा राज्य बनाया गया राजस्थान अपना वर्तमान स्वरूप 1 नवंबर 1956 को प्राप्त कर लिया था। 

राजस्थान के बीचोबीच से अरावली पर्वत माला निकलती है जो कि राजस्थान को लगभग दो भागों में बांटती है अरावली की सबसे ऊंची चोटी गुरु शिखर माउंट आबू है जो कि सिरोही जिले में हैं राजस्थान में अरावली पर्वतमाला सिरोही से शुरू होती है जो कि झुंझुनू जिले के खेतड़ी शहर में समाप्त होती है राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की लंबाई 550 किलोमीटर है।

राजस्थान का रेगिस्थान

राजस्थान में भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान है जो कि राजस्थान के जैसलमेर बाड़मेर रोड जोधपुर बीकानेर जिलों में फैला हुआ है यहां पर रंग बिरंगा कल्चर देखने को मिलता है क्योंकि यहां पर भूमि ही अलग है तथा यहां पर कहा जाता है कि 2 कोस पर पानी बदले 7 कोस पर पानी।

राजस्थान की नदियां

अरावली राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण जलसंभर है। सीमा के पूर्व में चंबल नदी  राज्य में एकमात्र बड़ी और बारहमासी धारा और अन्य जलमार्ग आमतौर पर उत्तर-पूर्व की ओर बहते हैं। चंबल की प्रमुख सहायक नदी बनास नदी महान कुंभलगढ़ पहाड़ी किले के पास अरावली में उगती है और मेवाड़ पठार के सभी जल निकासी को इकट्ठा करती है। 

राजस्थान में एकमात्र नदी है जो कि बारहमासी नदी है जो की चंबल नदी है यह राजस्थान के 6 जिलों में बहती है यह बिजली उत्पादन के साथ साथ सिंचाई करने के लिए भी उपयोग में की जाती है। यह सभी नदिया राजस्थान की सबसे बड़ी नदी की सूची में शामिल हैं.

राजस्थान की प्रमुख नदियां बनारस, चंबल  माही, जाखम, बाणगंगा इत्यादि प्रमुख नदियां है।

राजस्थान की मिट्टी

राजस्थान की मिट्टी रेतीली और शुष्क मिट्टी है यह मुख्यतः उत्तर पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है तथा इसके साथ साथ ही मिट्टी खा ली और सारी होती है यहां पर पानी भी बहुत कम है लगभग 100 से 200 फुट की गहराई पर पानी पाया जाता है अक्सर राजस्थान में जहां पर पानी होता है वहीं पर सिंचाई होती है इसके अलावा यहां की फसल बरसात के मौसम पर निर्भर रहती है।

राजस्थान की जलवायु

राजस्थान में जलवायु की एक विस्तृत श्रृंखला है जो अत्यंत शुष्क से आर्द्र तक अलग-अलग होती है। आर्द्र क्षेत्र दक्षिण-पूर्व और पूर्व में फैला है। पहाड़ियों को छोड़कर गर्मी के दौरान गर्मी हर जगह तीव्र होती है जून में तापमान – सबसे गर्म महीना – आमतौर पर 90 के दशक के मध्य F लगभग 30 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर लगभग 110 डिग्री फ़ारेनहाइट निम्न 40 डिग्री सेल्सियस हो जाता है। 

गर्मियों में गर्म हवाएं और धूल भरी आंधी आती है। खासकर रेगिस्तानी इलाकों में बहुत अधिक मात्रा में धूल भरी आंधी आती है। जनवरी में सर्दियों के महीनों में सबसे ठंडा – दैनिक अधिकतम तापमान ऊपरी 60 के दशक से लेकर 70 के दशक के मध्य तक निम्न से 20 के दशक के मध्य तक होता है जबकि न्यूनतम तापमान आमतौर पर 40 के दशक के मध्य में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस होता है। 

पश्चिमी रेगिस्तान में कम वर्षा होती है जो औसतन लगभग 4 इंच 100 मिमी सालाना होती है। दक्षिण-पूर्व में हालांकि कुछ क्षेत्रों में लगभग 20 इंच 500 मिमी प्राप्त हो सकता है। दक्षिणपूर्वी राजस्थान को दोनों अरब सागर से लाभऔर बंगाल की खाड़ी की दक्षिण-पश्चिम (ग्रीष्मकालीन) मानसूनी हवाओं की शाखाएँ जो वार्षिक वर्षा का बड़ा हिस्सा लाती हैं।

राजस्थान में पशु और पेड़-पौधों का जीवन

राजस्थान की मुख्यतः वनस्पति जालीदार जंगली होती है क्योंकि यहां पर बहुत ही अधिक मात्रा में शुष्क जलवायु पाई जाती है राजस्थान में लगभग 10% हिस्से में ही वन है इसके अलावा यहां पर हरियाली का कोई नामोनिशान नहीं है।

राजस्थान में कृषि व्यवस्था

कृषि क्षेत्र लंबे समय से राजस्थान की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार रहा है।  यह राज्य के आर्थिक उत्पादन का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है जिसमें राज्य की कामकाजी आबादी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा कार्यरत है।  

कम और छिटपुट वर्षा के बावजूद लगभग सभी प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं जिनमें रेगिस्तानी क्षेत्र में बाजरा कोटा के आसपास ज्वार और मुख्य रूप से उदयपुर के आसपास मक्का शामिल हैं। मक्का मुख्यत अरावली की पहाड़ियों में उगाई जाती है। गेहूं और जौ काफी अच्छी तरह से वितरित किए जाते हैं जैसे दालें  गन्ना और तिलहन यहां पर अच्छी मात्रा में उगाए जाते हैं।  

चावल दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दोनों के सिंचित क्षेत्रों में उगाया जाता है।  कपास और तंबाकू महत्वपूर्ण नकदी फसलें हैं।  राजस्थान में पशुधन की एक बड़ी आबादी है और यह एक प्रमुख ऊन उत्पादक राज्य है। राजस्थान में मुख्यतः पशु ऊंट है।

राजस्थान का जनसंख्या घनत्व

राजस्थान का जनसंख्या घनत्व 200 प्रति वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान का जनसंख्या घनत्व कम रहने का मुख्य कारण यह है कि राजस्थान का क्षेत्रफल सबसे अधिक है तथा इसके साथ-साथ यहां पर रेगिस्तानी इलाका होने के कारण वहां पर जनसंख्या बहुत ही कम पाई जाती है जबकि राजस्थान में सबसे अधिक जनसंख्या जयपुर और जोधपुर जिले में पाई जाती है. 

क्योंकि यहां पर जनसंख्या के अनुपात में क्षेत्रफल बहुत ही कम है तथा यहां पर लोगों के पास रोजगार के संसाधन भी उचित मात्रा में उपलब्ध है जबकि रेगिस्तानी इलाकों में जैसे कि जैसलमेर और बाड़मेर जिले में संसाधन ना होने के अभाव में लोग भाग यहां पर बहुत ही कठिन पूर्ण जीवन यापन करते हैं। राजस्थान के हाड़ौती का पठार जिसमें कि कोटा  बूंदी, बारां, झालावाड़ जिले आते हैं वहां पर मानसून अच्छा रहता है और वहां पर सबसे अधिक चावल की फसल की जाती है।

यह थी कुछ सामान्य जानकारी Bharat ka sabse bada rajya के बारे में. उम्मीद करते हैं आपको यह लेख पसंद आया होगा. 

Leave a Comment