भारत का राष्ट्रिय गीत

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Bharat ka rashtriya geet ( भारत का राष्ट्रिय गीत ) नमस्कार दोस्तों, हमारे देश का राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान, देश की वो धरोहर है जिससे हमारे देश की पहचान जुडी है। राष्ट्रिय गीत और राष्ट्रिय गान में देशभक्ति की भावना की अभिव्यक्ति होती है। क्या आपको पता है की हमारे देश का राष्ट्रीय गीत क्या है ? वैसे तो इसके बारे में हर देशवासी को पता ही होगा। अगर नही पता है तो आपको इस लेख में इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। 

भारत का राष्ट्रिय गीत 

हमारे देश का राष्ट्र गीत यह है  –

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्!

सुजलाम्, सुफलाम्, मलयज शीतलाम्,

शस्यश्यामलाम्, मातरम्!

वंदे मातरम्!

शुभ्रज्योत्सनाम् पुलकितयामिनीम्,

फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्,

सुहासिनीम् सुमधुर भाषिणीम्,

सुखदाम् वरदाम्, मातरम्!

वंदे मातरम्, वंदे मातरम्॥

राष्ट्रिय गीत का अर्थ 

मैं आपके सामने नतमस्तक होता हूं। ओ माता,

पानी से सींची, फलों से भरी,

दक्षिण की वायु के साथ शांत,

कटाई की फसलों के साथ गहरा,

माता!

उसकी रातें चांदनी की गरिमा में प्रफुल्लित हो रही है,

उसकी जमीन खिलते फूलों वाले वृक्षों से बहुत सुंदर ढकी हुई है,

हंसी की मिठास, वाणी की मिठास,

माता, वरदान देने वाली, आनंद देने वाली।

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राष्ट्रगीत सबसे पहले कब गया गया ?

राष्ट्रगीत को सबसे पहले 1896 में पहली बार भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के सत्र में गाया था। 

राष्ट्रगीत किसके द्वारा लिखा गया ?

राष्ट्रगीत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था। 

अंतिम शब्द

हमारे इस लेख मे आपको Bharat ka rashtriya geet ( भारत का राष्ट्रिय गीत ) के बारे मे बताया गया है। उम्मीद है आपको हमारा यह लेख पसंद आय होगा। इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे।

FAQ about Bharat ka rashtriya geet

राष्ट्रिय गीत के रचियता कौन है ?

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय

Source : अमर उजाला

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